ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को एक और बड़ा सियासी झटका लगा है। उल्हासनगर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 1(ब) की अनुसूचित जनजाति महिला आरक्षित सीट से चुनी गईं नगरसेविका पूजा सचिन भोईर का जाति प्रमाणपत्र जांच में अवैध पाया गया है। इस गड़बड़ी के सामने आते ही महानगरपालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त द्वारा बकायदा एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। दरअसल, चुनाव जीतने के बाद नियमानुसार पूजा भोईर का जाति प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए कोंकण विभाग की अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति के पास भेजा गया था, जिसने गहन समीक्षा के बाद इस दस्तावेज को फर्जी या अमान्य करार दे दिया।

कानूनी कार्रवाई और छिन गया पार्षद का तमगा

जाति प्रमाणपत्र के खारिज होते ही प्रशासन ने उसे तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया। इसके बाद महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के कड़े प्रावधानों को लागू करते हुए पूजा सचिन भोईर की सदस्यता को उसी तारीख से समाप्त मान लिया गया है। आपको बता दें कि पूजा ने पिछले नगर निगम चुनाव में इस आरक्षित सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को पटखनी देकर जीत हासिल की थी। इस बार वे पूरे दमखम के साथ शिवसेना शिंदे गुट के सिंबल पर चुनावी मैदान में उतरी थीं, लेकिन कागजी दस्तावेजों की इस बड़ी चूक ने उनकी चुनावी जीत पर पानी फेर दिया है।

१५ दिनों में दूसरा झटका, गरमाया सियासी माहौल

उल्हासनगर की राजनीति में शिंदे गुट के लिए यह संकट नया नहीं है, बल्कि पिछले १५ दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले भी पार्टी के एक अन्य कद्दावर पार्षद विक्की लबाना को अपनी सदस्यता गंवानी पड़ी थी। बैक-टू-बैक दो पार्षदों के पद रद्द होने से उल्हासनगर नगर निगम के भीतर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं और विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो गए हैं। पूजा भोईर की सदस्यता जाने की खबर जैसे ही आम हुई, शहर का सियासी पारा अचानक चढ़ गया। इस फैसले से जहाँ एक ओर उनके समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस अयोग्यता को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है।