बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के नौरोजपुर गुर्जर गांव में हुए सनसनीखेज सचिन हत्याकांड में दो मासूम बच्चों की गवाही के बाद एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। मृतक किसान सचिन की 8 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय बेटे ने पुलिस के सामने अपनी आँखों देखी दास्तान बयां की है। बच्चों ने बताया, "मम्मी और एक अंकल ने मिलकर पापा का मुँह तकिए से दबाकर उन्हें मार डाला। जब पापा की चीख निकली, तो हमारी नींद खुल गई और हमने कमरे की खिड़की से सब कुछ देख लिया।" पुलिस ने विवेचना के दौरान दोनों बच्चों के यह बयान दर्ज कर लिए हैं।

यह खौफनाक वारदात बीती 12 जून की रात को अंजाम दी गई थी, जब सचिन की पत्नी रचना ने उसके खाने (खीर) में नशीली गोलियां मिला दी थीं। पति के अचेत होने के बाद रचना ने मर्चेंट नेवी में सेकेंड क्लास इंजीनियर अपने प्रेमी सोनू (निवासी रंछाड़) को घर बुला लिया। इसी बीच जब सचिन की आँख खुली और उसने विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर तकिए से उसका मुँह दबाया और गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस दोनों मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

खिड़की से देखा मौत का खौफनाक मंजर

मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को सचिन के दोनों बच्चों के बयान दर्ज किए गए। बच्चों ने रोते हुए पुलिस को बताया कि वे पास के कमरे में सो रहे थे। रात को अचानक पिता की चीख सुनकर वे जाग गए। कमरे की खिड़की से जब उन्होंने बाहर बरामदे की तरफ झांका, तो वहाँ का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। चारपाई पर लेटे पापा का मुँह उनकी मम्मी और एक अंकल तकिए से दबा रहे थे। मासूम बच्चे इस खौफनाक मंजर को देखकर इतना डर गए कि चुपचाप वापस अपने बिस्तर पर जाकर दुबक गए। बयान देते समय बच्चे फूट-फूट कर रोने लगे, जिन्हें परिजनों ने बश्किल संभाला। पुलिस ने पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा और मदद का भरोसा दिया है।

सामान्य मौत दिखाने की रची थी साजिश

इस जघन्य अपराध को छुपाने और कानून की आँखों में धूल झोंकने के लिए आरोपी रचना और उसके प्रेमी सोनू ने एक मनगढ़ंत कहानी तैयार की थी। उन्होंने परिजनों को यह बताने की कोशिश की कि खेत में कीटनाशक (जहर) का छिड़काव करने के कारण सचिन की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। अगली सुबह रचना ने सचिन के भाई नवीन को फोन कर बताया कि उसकी हालत गंभीर है। परिजन उसे तुरंत बड़ौत के एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गले के निशान और सीसीटीवी ने खोला राज

ऐसे बेनकाब हुए कातिल: 13 जून की सुबह जब परिजनों ने सचिन के गले पर संदिग्ध चोट के निशान देखे, तो उन्हें गहरा शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए बागपत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जब घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो सच सामने आ गया। फुटेज में प्रेमी सोनू रात करीब 10 बजे घर के अंदर जाता और सुबह 3:28 बजे बाहर निकलता हुआ साफ दिखाई दिया।

शुरुआत में आरोपी पत्नी रचना लगातार पुलिस को गुमराह करती रही और कीटनाशक वाली कहानी पर अड़ी रही। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई और सीसीटीवी फुटेज सामने रखी, तो उसने टूटकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने माना कि प्रेमी सोनू ने ही उसे नशीली गोलियां दी थीं, जिन्हें खीर में मिलाकर उसने पति को सुलाया और फिर दोनों ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस इस मामले में जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है।