जयपुर। जयपुर वेस्ट पुलिस ने 18 साल से फरार चल रहे राकेश कुमार जांगिड़ (48) को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। पुलिस की निगाहों से 18 साल तक बचता रहा यह बदमाश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भागने की फिराक में था, जिसकी योजना पुलिस ने नाकाम की। इस पर 10 हजार रुपये का इनाम था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस जिस अपराधी को 18 साल से फरार बताकर ढूंढ रही थी, वह बीते कुछ महीनों में दो आईपीएस अधिकारियों के साथ बैठकर वीडियो बनवा रहा था और उन्हें गर्व से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा था।
जांगिड़ को पकड़ने वाली जयपुर वेस्ट पुलिस का दावा है कि वह लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन हकीकत यह थी कि वह करीब 6 महीने पहले आईपीएस अधिकारी किशन सहाय और करीब एक साल पहले तत्कालीन मानसरोवर थानाधिकारी लाखन सिंह के साथ वीडियो बनाते हुए देखा गया था। इन वीडियो का इस्तेमाल वह अपनी धाक जमाने और लोगों के बीच अपनी पहुंच दिखाने के लिए करता था। सूत्रों के अनुसार, वह पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उनके साथ वीडियो बनवाता था और उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर लोगों के बीच अपनी पहचान और प्रभाव बनाने का प्रयास करता था।
आरोपी जांगिड़ 2008-09 में दर्ज चार गंभीर मामलों में वांछित था। आरोपी जांगिड ने कई लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगे थे। पीड़ितों को न विदेश भेजा गया और न ही उनकी रकम लौटाई गई। इन शिकायतों के आधार पर थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र जैसी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान के तहत तकनीकी सबूतों और खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई कर पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा। गिरफ्तारी से बचने के लिए राकेश ने अपना पैतृक निवास छोड़ दिया था और जयपुर में भी लगातार पते बदलकर रह रहा था। इतना ही नहीं, उसने अपना आपराधिक रिकॉर्ड छिपाकर दूसरे पते से पासपोर्ट बनाया था, जिससे वह यूएई भागने की तैयारी में था। पुलिस ने उसकी योजना को नाकाम कर आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सभी मामलों में पुलिस पहले ही न्यायालय में चालान पेश कर चुकी थी, जबकि आरोपी लगातार फरार चल रहा था।