इस्लामाबाद। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार (जनाजे) को लेकर एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद छिड़ गया है। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे कुछ वीडियो तथा तस्वीरों के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि इस शवयात्रा में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से ताल्लुक रखने वाले कुछ खूंखार चेहरे शामिल हुए थे। इन तस्वीरों के सार्वजनिक पटल पर आने के बाद पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकियों की खुलेआम आवाजाही और उन्हें वहां के रसूखदारों द्वारा मिलने वाले परोक्ष व अपरोक्ष संरक्षण को लेकर पूरी दुनिया में एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

इस्लामाबाद के कब्रिस्तान में अंतिम विदाई और विवादित चेहरे

विदित हो कि शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर का बीते 24 जून को आकस्मिक देहावसान हो गया था, जिसके उपरांत इस्लामाबाद के एच-8 (H-8) स्थित प्रमुख कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस अंतिम विदाई कार्यक्रम में खेल जगत, स्थानीय राजनीति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की थी। इसी दौरान इंटरनेट पर वायरल हुए फुटेज में लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) से जुड़े कुछ शीर्ष नेताओं की संदिग्ध मौजूदगी की बात कही जा रही है। यद्यपि किसी भी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्था ने अभी तक इन वायरल कड़ियों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है, परंतु भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सैफुल्लाह कसूरी को 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले का मुख्य सूत्रधार मानती हैं, जिसमें 25 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी।

पीएमएमएल नेताओं की उपस्थिति और पाकिस्तान का दोहरा रवैया

इंटरनेट पर प्रसारित साक्ष्यों में यह भी रेखांकित किया गया है कि जनाजे में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के इस्लामाबाद विंग के सदर इनाम-उर-रहमान कम्बोह सहित कई अन्य विवादित चेहरे भी अग्रिम पंक्ति में खड़े थे। गौरतलब है कि वैश्विक रक्षा विश्लेषक पीएमएमएल को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी हाफिज सईद के पुराने नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया मुखौटा व राजनीतिक मंच मानते हैं। इस शवयात्रा में ऐसे तत्वों की खुलेआम मौजूदगी ने भारत और अन्य पश्चिमी देशों के उन पुराने आरोपों को पुनर्जीवित कर दिया है, जिसमें कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान अपनी धरती पर पल रहे आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के बजाय उन्हें मुख्यधारा में संरक्षण प्रदान कर रहा है।

क्रिकेटर परिवार और पाक प्रशासन की रहस्यमयी खामोशी

इस पूरे गंभीर और संवेदनशील विवाद के वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद भी अभी तक पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर, उनके पारिवारिक सदस्यों अथवा उनके विधिक सलाहकारों की तरफ से किसी भी प्रकार की आधिकारिक सफाई या खंडन सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, हमेशा की तरह इस बार भी पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय और वहां की सरकार ने इन तस्वीरों व वीडियो पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है और उनकी ओर से कोई भी प्रतिक्रियात्मक वक्तव्य जारी नहीं किया गया है। फिलहाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह विषय अत्यंत तीखी बहसों और भू-राजनीतिक टिप्पणियों के केंद्र में बना हुआ है और लोग इस पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।