नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ द्वारा आज यानी 21 अक्तूबर को दो बेहद महत्वपूर्ण मामलों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी। इनमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के परिवार से जुड़ा कथित सीएमआरएल रिश्वत मामला और आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान नामांकन दाखिल करने में आ रही बाधाओं को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की याचिका शामिल है।
आंध्र प्रदेश में नामांकन की समयसीमा बढ़ाने की मांग
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ वाईएसआरसीपी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के 18 अक्तूबर के फैसले को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने नामांकन की समयसीमा एक दिन बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था। पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी का गंभीर आरोप है कि राज्य में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के कारण पार्टी के उम्मीदवार शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पर्चे दाखिल नहीं कर सके।
पार्टी ने अदालत से मांग की है कि उम्मीदवारों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा दी जाए, नामांकन की अंतिम समयसीमा बढ़ाई जाए और अतिरिक्त व वैकल्पिक नामांकन केंद्र बनाए जाएं ताकि सभी प्रत्याशी सुरक्षित तरीके से पर्चा दाखिल कर सकें। पार्टी महासचिव लेल्ला अप्पिरेड्डी की ओर से यह याचिका वकील महफूज अहसान नाजकी के माध्यम से दाखिल की गई है। इसमें कहा गया है कि 16 से 18 अक्तूबर के बीच चली नामांकन प्रक्रिया में उनके कई उम्मीदवारों पर हमले किए गए और उन्हें केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। वहीं, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मियाद पूरी होने के बाद समयसीमा बढ़ाना चुनावी प्रक्रिया में दखल देने जैसा होगा।
सीएमआरएल मामले में विजयन और परिवार की याचिका
शीर्ष अदालत की विशेष पीठ केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद पीए मोहम्मद रियास की याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। यह मामला कथित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) रिश्वत प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के खिलाफ अपील की अनुमति मांगने से जुड़ा हुआ है।
इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने 15 अक्तूबर को विजयन और उनके परिवार की अपील अर्जियों को खारिज कर दिया था। अदालत का कहना था कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में आरोपी को एफआईआर दर्ज होने से पहले कानूनी रूप से सुनवाई का अधिकार नहीं होता है। इससे पूर्व, 9 अक्तूबर को हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए थे।
ईडी की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई हैं एफआईआर
केरल हाईकोर्ट में अपील खारिज होने के बाद वीएसीबी की विशेष जांच इकाई-1 ने विजयन और उनके परिजनों के खिलाफ कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच और जुटाए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को यह मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। विजयन और उनके परिवार ने दलील दी थी कि एकल न्यायाधीश ने आदेश देने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना और यह मामला जनहित याचिका से जुड़ा था, जिस पर उचित पीठ को विचार करना चाहिए था।





