इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दुकान के नाम पर बैंक ऋण (लोन) दिलाने का झांसा देकर एक महिला कारोबारी के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग की गई। मॉडल विलेज कॉलोनी निवासी पीड़िता कॉस्मेटिक की दुकान संचालित करती है और अपने व्यापार को विस्तार देने के लिए वित्तीय सहायता की तलाश में थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात खुद को बैंक एजेंट बताने वाले शातिर आरोपियों से हुई, जिन्होंने लोन स्वीकृत कराने के नाम पर न केवल उसके बैंक खाते से लाखों रुपये की हेराफेरी की, बल्कि बाद में उसे सोशल मीडिया पर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी भी दी।
बिना अनुमति खाते से राशि ट्रांसफर और दलाली के नाम पर वसूली
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारकापुरी थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि आस्था पैलेस कॉलोनी निवासी कुंदन राजोरिया और उसकी सहयोगी राखी सोनी ने नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक की पालदा (नेमावर रोड) शाखा के माध्यम से उसकी दुकान के नाम पर छह लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया था। महिला का आरोप है कि 14 जुलाई को जब वह बैंक में अपनी पासबुक की प्रविष्टि कराने और पैसे निकालने पहुँची, तब उसे पता चला कि 9 जुलाई को उसकी बिना किसी सहमति या जानकारी के उसके खाते से 1.50 लाख रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। जब उसने इस संबंध में आपत्ति जताई, तो मुख्य आरोपी कुंदन ने दुकान पर आकर लोन प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में 1.90 लाख रुपये की भारी-भरकम दलाली की मांग की, जिसे महिला ने नकद चुका दिया। बाद में बैंक मैनेजर के माध्यम से यह खुलासा हुआ कि उक्त डेढ़ लाख रुपये बैंक ऑफ इंडिया के एक अन्य खाते में भेजे गए थे, हालांकि प्रशासनिक और पुलिस शिकायतों के दबाव के बाद वह राशि 27 अगस्त को वापस उसके खाते में लौटाई गई।
मारपीट, धमकी और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की घिनौनी करतूत
मामला यहीं नहीं थमा, बल्कि आरोपियों ने प्रताड़ना का दायरा और बढ़ा दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 25 अगस्त को आरोपी कुंदन राजोरिया उसके घर आ धमका और जब उसके भाई ने मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड करनी चाही, तो उसने फोन छीनकर बंद करवा दिया तथा दोनों भाई-बहन के साथ अभद्रता व मारपीट की। आरोपी ने उसे जान से खत्म करने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, पुलिस कार्रवाई से बौखलाए आरोपी अब पीड़िता की दुकान और उसके आसपास खड़ी गाड़ियों की तस्वीरें खींचकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व वॉट्सऐप स्टेटस पर आपत्तिजनक और भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर रहे हैं, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को आघात पहुँच रहा है। द्वारकापुरी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।





