चूरू। राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र अंतर्गत साहवा कस्बे में पुलिस प्रशासन ने अवैध हथकढ़ शराब और मिलावट के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस टीम ने एक रिहायशी मकान में चल रही कथित मिनी अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए मौके से भारी मात्रा में मिलावटी शराब और पैकिंग सामग्री जब्त की है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान देशी मदिरा के फर्जी लेबल लगे 140 कार्टन में कुल 6,720 पव्वे बरामद किए हैं। इसके साथ ही जहरीली स्प्रिट, शराब बनाने का रासायनिक घोल, सीलिंग व पैकिंग मशीनें और एक कैंपर गाड़ी भी मौके से सीज की गई है।

रात्रि गश्त के दौरान संदिग्ध का पीछा कर पुलिस ने मारा छापा

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, साहवा थाना पुलिस की गश्ती टीम देर रात वार्ड संख्या 15 की एक तंग गली में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस के वाहन की रोशनी देखते ही एक संदिग्ध युवक घबराकर पास के एक मकान में घुस गया। अनहोनी की आशंका में पुलिस दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसका पीछा किया और मकान के भीतर दाखिल हुई। वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए, जहां बड़े पैमाने पर अवैध रूप से स्प्रिट से शराब तैयार कर, उसे खाली पव्वों में भरकर हाथ की मशीनों से पैक करने और उन पर फर्जी लेबल चिपकाने का काम चल रहा था।

भारी मात्रा में स्प्रिट, मशीनें और अन्य उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से 200 लीटर क्षमता का ड्रम स्प्रिट से भरा हुआ तथा 500 लीटर की टंकी में तैयार किया गया शराब का केमिकल घोल मिला। इसके अलावा पुलिस ने 1,050 खाली पव्वे, ढक्कन सील करने वाली दो ढक्कन मशीनें, एल्कोहल मापने वाला मीटर, नकली ब्रांडेड लेबल के बंडल, खाली गत्ते के कार्टन, पानी की मोटर व पाइप समेत शराब बनाने की पूरी प्रयोगशाला जब्त कर ली। मौके पर खड़ी पाई गई कैंपर गाड़ी का उपयोग शराब सप्लाई में होने के अंदेशे पर उसे भी सीज कर दिया गया।

अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार और नेटवर्क की पड़ताल

पुलिस ने मौके से कार्रवाई करते हुए इस अवैध नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों में धीरवास बड़ा निवासी विनोद कुमार (28) व मांगीलाल (25), हनुमानगढ़ जिले के भादरा निवासी राजेश (26) तथा उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी सूरज कुमार (25) शामिल हैं। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं और तैयार की जा रही जहरीली शराब की आपूर्ति किन-किन क्षेत्रों में की जानी थी।