हिंगोली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को किसी भी मामले में गड़बड़ी या अनियमिता का संदेह है, तो केवल जुबानी आरोप लगाने के बजाय उसकी विधिवत जांच करानी चाहिए।
जांच एजेंसियों के उपयोग पर सवाल
हिंगोली में दिए गए अपने बयान में दीपके ने मुख्यमंत्री को उनके अधिकारों की याद दिलाते हुए कहा कि राज्य की सत्ता और तमाम जांच तंत्र इस समय सरकार के पास हैं। उन्होंने पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय व राज्य एजेंसियों का जिक्र करते हुए पूछा कि जब सरकार के पास सच सामने लाने के लिए ये तमाम संसाधन मौजूद हैं, तो फिर केवल आरोप लगाने की राजनीति क्यों की जा रही है? उनके मुताबिक, किसी भी मामले की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, जिससे सही और गलत का फैसला हो सके।
भाजपा की राजनीतिक शैली पर निशाना
अभिजीत दीपके ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस और उनकी पार्टी लंबे समय तक विपक्ष में रही है, लेकिन सत्ता में आने के बाद भी उनकी राजनीति में केवल आरोप लगाने की पुरानी सोच ही दिखाई देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी होती है कि वे किसी भी गंभीर मुद्दे पर सवाल उठाने के साथ-साथ उसकी तह तक पहुँचने के लिए ठोस कदम उठाएँ। यदि आरोप सही हैं तो जांच से सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि गलत हैं तो स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।
पहले भी हो चुका है आमना-सामना
गौरतलब है कि फडणवीस और दीपके के बीच बयानबाजी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व CJP के प्रदर्शन के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच तीखी तकरार देखने को मिली थी। गत 7 सितंबर को दीपके ने महाराष्ट्र पुलिस द्वारा CJP समर्थकों को दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने से पहले नोटिस दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस पर तंज कसते हुए पूछा था कि वे महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसी शैली क्यों अपना रहे हैं। अब हिंगोली में दिए गए इस नए बयान के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।





