भोपाल। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के दौरान सहकारिता और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। शनिवार को भेल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पुलिस प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद गोपालक सम्मेलन को भव्य रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
गोपालकों का सम्मान और करोड़ों की विकास सौगातें
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने लखपति गोपालक दीदियों को सम्मानित किया और मध्य प्रदेश को ढेरों सौगातें सौंपीं। उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन किया गया, जिससे रोजाना तीन लाख लीटर दूध प्रोसेस किया जा सकेगा। इसके अलावा भोपाल-इंदौर दुग्ध संघ के उत्पादकों के खातों में लगभग 12 करोड़ रुपये का बोनस ट्रांसफर किया गया।
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गोवंश अनुदान: राज्य की पंजीकृत गोशालाओं में संरक्षित गोवंश के बेहतर रखरखाव के लिए जुलाई-अगस्त 2026 की 101 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी गई।
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प्रमुख लोकार्पण: भोपाल में फर्मेटेड मिल्क प्रोडक्ट प्लांट और राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता लैब का लोकार्पण किया गया, जबकि शिवपुरी में साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से बने मिनी डेयरी प्लांट की शुरुआत की गई।
श्वेत क्रांति और नए कानूनों पर गृह मंत्री का संबोधन
विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 75 वर्षों में देश का कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन तक पहुंचाया था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में इसे बढ़ाकर 25 करोड़ टन तक पहुँचाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद से ही सहकारिता को मजबूत करने की मांग थी, जिसे कांग्रेस ने नजरअंदाज किया, लेकिन मोदी सरकार ने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाकर इसका सबसे बड़ा लाभ गोपालकों को दिया है। नए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय के कानून सरकार बचाने के लिए थे, जबकि अब बने नए कानून नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और सुरक्षा की रक्षा करते हैं।
दुग्ध क्रांति और वृंदावन गांव की परिकल्पना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह गोपालक सम्मेलन राज्य में नई दुग्ध क्रांति का बड़ा संकेत है।
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दूध संग्रहण का लक्ष्य: वर्तमान में 12 लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर तक ले जाने का संकल्प लिया गया है।
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किसानों और गोपालकों के लिए योजनाएं: मध्य प्रदेश के गांवों को 'वृंदावन गांव' बनाया जा रहा है, जिसके तहत राज्य सरकार प्रति गोमाता 40 पैसे का अंशदान देगी। किसानों को 25 गायें लाने पर 40 लाख रुपये की लागत में से 10 लाख रुपये का विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा।
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बढ़ी हुई कीमतें: एनडीबी के साथ हुए करार के बाद किसानों को पहले मिलने वाले 35 रुपये प्रति लीटर के मुकाबले अब दूध का दाम 55 रुपये प्रति लीटर दिया जा रहा है, जिससे राज्य के करीब 80 लाख गोपालकों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।





