भोपाल| मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी वरुण कुमार को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी आगरा से होते हुए दिल्ली भागने की फिराक में था। घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थीं। आरोपी पूर्व आईएएस अधिकारी के आवास पर घरेलू सहायक (हाउस हेल्प) के तौर पर कार्यरत था। उल्लेखनीय है कि इस वारदात के बाद पूर्व अधिकारी का खून से सना हुआ शव उनके घर के कमरे से बरामद किया गया था।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस की शुरुआती जाँच-पड़ताल में ही नौकर वरुण कुमार पर शक की सुई घूम गई थी। जब पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो उससे यह बड़ा खुलासा हुआ कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी संदिग्ध हालत में घर से बाहर निकलता हुआ दिखाई दे रहा था। मूल रूप से पंजाब के पटियाला का रहने वाला यह आरोपी अब आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर भोपाल वापस आ रही है, जहाँ उससे गहन पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड से जुड़े कई चौंकाने वाले और अहम खुलासे हो सकते हैं।

क्या है पूरा सनसनीखेज मामला?

यह पूरी दर्दनाक घटना भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सूरज नगर इलाके की है। वर्ष 1982 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का लहूलुहान शव उनके घर के एक कमरे के अंदर मिला था। वे अपनी पत्नी के साथ इस मकान में निवास करते थे। जिस समय इस वारदात को अंजाम दिया गया, उस दौरान उनकी पत्नी घर के दूसरे कमरे में सो रही थीं।

जाँच में यह भी सामने आया कि सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या बेहद बेरहमी से धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। इस दुस्साहसिक हत्याकांड के सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। इतना ही नहीं, आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से घर में आग लगाने की भी पूरी तैयारी की थी, जिसके तहत रसोई गैस (कुकिंग गैस) का नोजल खुला हुआ पाया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया कड़ा संज्ञान

इस सनसनीखेज घटना को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित संज्ञान लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी एक आधिकारिक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस पूरे मामले की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में पूरी तरह गंभीर है। घटना में संलिप्त दोषियों को जल्द से जल्द चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।