भोपाल। मध्य प्रदेश से एक बेहद हैरान करने वाला और अजब-गजब मामला सामने आया है, जहां मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की बड़ी लापरवाही के चलते एक गधे के नाम पर नर्सिंग का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है, और चारों तरफ काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

सर्टिफिकेट में दर्ज चौंकाने वाली जानकारियां

जारी किए गए इस अजीबोगरीब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में नाम के स्थान पर DONKEY MPNRC और पिता के नाम के आगे DONKEY FATHER लिखा हुआ है। इसके अलावा, सर्टिफिकेट में यह भी दर्शाया गया है कि उसने भोपाल नर्सिंग कॉलेज से 16 जुलाई 2021 से 13 अगस्त 2025 के बीच बीएससी नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जब यह मामला सार्वजनिक हुआ, तो लोग इसकी जमकर आलोचना करने लगे।

एनएसयूआई नेता रवि परमार के गंभीर आरोप

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने इस मामले में परिषद की ऑनलाइन व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि एमपीएनआरसी (MPNRC) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बिना ही आवेदन आगे बढ़ाए जा रहे हैं और धड़ल्ले से सर्टिफिकेट जारी हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन के दौरान गधे की फोटो और फर्जी दस्तावेज अपलोड किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ऑनलाइन फीस जमा होने पर सिस्टम ने बिना सोचे-समझे रजिस्ट्रेशन जारी कर दिया।

एमपीएनआरसी के रजिस्ट्रार की सफाई

इस पूरे विवाद के तूल पकड़ने के बाद MPNRC के रजिस्ट्रार डॉ. उपेंद्र धोते ने अपनी सफाई पेश की है। उनका कहना है कि यह गलती एमपी ऑनलाइन के पोर्टल के स्तर पर हुई है, जहां से गलत डेटा फीड किया गया था। उन्होंने बताया कि इस तकनीकी और प्रशासनिक चूक के संबंध में एमपी ऑनलाइन से जवाब तलब किया जाएगा। फिलहाल एहतियात के तौर पर पोर्टल को बंद कर दिया गया है और अब तक जारी किए गए सभी दस्तावेजों की गहराई से जांच कराई जा रही है। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।