बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। बिलासपुर में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह को स्थानीय पुलिस ने मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी माकरी गांव में अपने परिचित धीरेंद्र पटेल के आवास पर छिपा हुआ था। इस प्रकरण में दूसरे पक्ष का मुख्य आरोपी सोहेल खान पूर्व में ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है।
अब तक कुल 50 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर के खपरगंज क्षेत्र में हुए भारी पथराव और उपद्रव के उपरांत पुलिस लंबे समय से ठाकुर राम सिंह की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पुलिस के विभिन्न दलों द्वारा लगातार संभावित क्षेत्रों में दबिश दी जा रही थी तथा उसके रिश्तेदारों एवं मित्रों से पूछताछ की जा रही थी। आखिरकार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। राम सिंह गुट से जुड़े 5 अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और इस प्रकार अब तक इस पूरे मामले में कुल 50 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपी राम सिंह का वायरल वीडियो और दावे
घटना के पश्चात आरोपी राम सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने खुद को पूर्णतः निर्दोष बताया था। उसने यह तर्क दिया था कि उसे केवल इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि उसने अपने धर्म के पक्ष में संघर्ष किया था। उसने पुलिस और विरोधी गुट पर उसे लक्षित करने का आरोप लगाया था। वीडियो में उसने यह भी आशंका जताई थी कि जेल के भीतर उसकी हत्या कराई जा सकती है, अतः उसके माता-पिता का ध्यान रखा जाए। हालांकि उसने शुरुआत में समर्पण करने की बात कही थी, किंतु बाद में वह फरार होकर रायपुर भाग गया था।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
विस्तृत जानकारी के अनुसार, गत 28 अगस्त की रात्रि खपरगंज क्षेत्र में दो पक्षों के मध्य आपसी विवाद उत्पन्न हो गया था। यह आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी और पुरानी रंजिश के चलते यह विवाद तूल पकड़ गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ, जिससे संपूर्ण इलाके में भारी तनाव और भय का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसक झड़प में तारबाहर थाने के थाना प्रभारी (टीआई) समेत कुल 9 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस संबंध में पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध संगीन धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।





