रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियों में थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम दर्ज की वर्षा हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज भी कई क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की वर्षा की संभावना है। इस अवधि में कुछ स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) और मेघगर्जन को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
लोरमी, दरीमा और कुमर्दा में 10-10 मिमी वर्षा दर्ज
विगत 24 घंटों में लोरमी, दरीमा और कुमर्दा क्षेत्रों में सर्वाधिक 10-10 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि अन्य अंचलों में हल्की बौछारें पड़ीं। वर्तमान में पूरे राज्य में मानसूनी वर्षा का कुल आंकड़ा सामान्य औसत से लगभग 2 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है।
बलरामपुर जिले में सर्वाधिक तो बेमेतरा में सबसे कम पानी गिरा
ज़िलेवार स्थिति पर नजर डालें तो बलरामपुर ज़िला वर्षा के मामले में राज्य में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जहां सामान्य से 75 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत, बेमेतरा ज़िले में सबसे कम वर्षा हुई है, जहां का आंकड़ा सामान्य औसत से 39 प्रतिशत नीचे चल रहा है।
दो जिलों के बीच 896 मिमी वर्षा का भारी अंतर
आंकड़ों के मुताबिक, बलरामपुर में अब तक 1433.1 मिलीमीटर (56.42 इंच) वर्षा हो चुकी है, जबकि बेमेतरा में महज 536.7 मिलीमीटर (21.13 इंच) पानी बरसा है। इस प्रकार दोनों ज़िलों की कुल वर्षा में लगभग 896.4 मिलीमीटर का बड़ा अंतर दर्ज किया गया है।
राजधानी रायपुर में छाए रहेंगे बादल, बौछारें पड़ने के आसार
राजधानी रायपुर में आज दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक से दो स्पेल में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें गिर सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
प्रदेश के 33 जिलों में मानसून की स्थिति
1 जून से सितंबर की शुरुआत तक प्रदेश में औसतन 944.7 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 962.6 मिलीमीटर रहता है। राज्य के कुल 33 ज़िलों में से 7 ज़िलों में सामान्य से 20 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा हुई है, 4 ज़िलों में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है, जबकि शेष 22 ज़िले सामान्य वर्षा की श्रेणी में बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारों का क्रम बना रहेगा।





